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ग्लैमर जगत की सामाजिक कल्याण की प्रेरणा






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बॉलीवुड अभिनेत्रियां कभी अपने स्टाइल, लुक या फ़िल्मों को लेकर चर्चा में रहती है, लेकिन अपने पॉपुलर के चेहरे के अलावा वो खूबसूरत व्यक्तित्व भी रखती हैं. जी हां बॉलीवुड में कई हीरोइन्स है जो कि सामाजिक उत्तरदायित्वों का बखूबी निर्वाह कर रही है। हम अपने लेख में उन अभिनेत्रियों के विषय में चर्चा करने जा रहे हैं, जो सोशल वर्क से जुड़ी हुई हैं।

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दीपिका पादुकोण जब डिप्रेशन की शिकार हुई और इस समस्या से जब उन्होंने निजात पाया तब उनको अहसास हुआ कि अवसाद भी  एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। अपने इंस्टाग्राम प्रोफाईल के जरिए दीपिका ने इस समस्या को रखा. एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू के मुताबिक "भारत की ९० प्रतिशत जनसंख्या  इस बात से अंजान है कि वो भावनात्मक और मानसिक रूप से कैसा महसूस कर रही है। वहीं कुछ अन्य लोग मानसिक स्वास्थ से जुड़ी भ्रांति के वजह से मदद नहीं लेेते है। डिप्रेशन पर अन्य बीमारियों की तरह  ध्यान देने की ज़रूरत है।भारत में इस विषय में अभी और भी जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। इसके लिए  उन्होंने "द लिव एंड लॉफ" नाम के फाउंडेशन की स्थापना की है। जिसका मकसद चिंता, तनाव, और अवसाद से जूझ रहे लोगों की मदद करना है।

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अपने संजीदा अभिनय के लिए मशहूर विद्या बालन स्वच्छ पेयजल को हर नागरिक के लिए आवश्यक मानती है। विद्या बालन "स्वच्छ भारत" की ब्रांड एम्बेंसडर भी रह चुकी है। विद्या बालन बालिका शिक्षा को बहुत महत्वपूर्ण मानती है शायद यही वजह है कि वो "छोटे कदम प्रगति की ओर" जैसे अभियान के प्रचार से जुड़ चुकी है।

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"डोर" और "अब तक छप्पन 2" जैसी फ़िल्मों में काम कर चुकी मिस इंडिया गुल पनाग श्रद्धा चैरिटेबल ट्रस्ट को सपोर्ट कर चुकी है जो मानसिक रूप से अशक्त और ऑटिस्म से पीड़ित लोगों के पुनर्वास हेतु काम करता है और उन्हें वोकेशनल ट्रेनिंग देता है। वो इसे सपोर्ट करने के लिए मैरॉथन का हिस्सा भी बन चुकी है। इसके अलावा वो शमशेर सिंह फाउंडेशन से भी जुड़ी हुई है, जो जेंडर इक्वेलिटी,रोजगार और आपदा प्रबंधन से जुड़ा हुआ है।  इसके अलावा वो "इंडिया अगेनस्ट करप्शन मूवमेंट" को सपोर्ट कर चुकी हैं।




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मिस एशिया पैसिफिक और बॉलीवुड एक्ट्रेस दिया मिर्ज़ा "सेव द चिल्ड्रन" मिशन की अम्बेसडर रह चुकी है। जिसका मकसद है जेंडर इक्वेलिटी,कुपोषण, और चाईल्ड ट्रैफिकिंग, अशिक्षा जैसी समस्याओं का समाधान ढूंढना। दिया मिर्जा पर्यावरण संरक्षण का भी समर्थन करती है, यही वजह है कि वो यूएन एनवॉयरोमेंट की गुडविल एम्बेसडर है ।दिया मिर्जा एच आई वी, एड्स जैसी बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना चाहती है, इसी दिशा में वो आंध्र प्रदेश सरकार के साथ काम कर रही है। बालिका भ्रूण हत्या के खिलाफ आवाज उठा चुकी है। वो जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था पेटा को भी समर्थन दे चुकी है, वेबसाईट को दिए इंटरव्यू के मुताबिक "जूतों और पर्स के लिए जानवरों की खाल निकालना या फिर उन्हें पीटकर मारने को सही नहीं ठहराया जा सकता है"दिया ने ये भी कहा "विस्तृत रूप से उपलब्ध नकली सांप, बनावटी मगरमच्छ को अपनाकर आप बिना इनकी त्वचा चुराए और मारे बिना ही इनकी खूबसूरती  का सम्मान कर सकते है"।










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अपने जानदार अभिनय के दम पर ख़ास किस्म के सिनेमा के ज़रिए पहचान बनाने वाली अभिनेत्री शबाना आज़मी कई बार राष्ट्रीय पुरूस्कार अपने नाम कर चुकी है, अभिनय के साथ साथ वो समाजसेवा में भी अपनी पहचान बन चुकी है। एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में शबाना ने कहा " मैं ऐसे परिवार में पहली बढ़ी हूं जहां ये विश्वास किया जाता है कि कला का उपयोग समाज की उन्नति के लिए किया जाना चाहिए" शबाना आजमी एच आई वी पीड़ितों की सहायता के लिए उल्लेखनीय काम कर चुकी है। वो मिजवान नामक ट्रस्ट चलाती है। महिलाओं की उन्नती के लिए वो शैक्षणिक संस्थान के अलावा वो सिलाई कढ़ाई और कंप्यूटर सेंटर भी संचालित करती है। महिला अधिकारों के लिए भी वो आवाज उठा चुकी है, और महिलाओं को फ़िल्मी गीतों में ऑयटम के तौर पर पेश करने की आलोचना कर चुकी है।





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"जुनून", "मेज़र साहब", "लाईफ़ इन मेट्रो" यमला पगला दीवाना जैसी फिल्मों में नज़र आ चुकी फिल्म एक्ट्रेस और मिस इंडिया रह चुकी नफ़ीसा अली का फिल्मी करियर जितना चर्चित नहीं जितना की उनका सामाजिक कार्य रहा है। प्राकृतिक आपदाओं के वक्त उन्होंने मदद की राशि जुटाने में काफी मदद की है । उड़ीसा में तूफान  के बाद पीड़ितों की सहायता के लिए रीलिफ़ फंड जुटाया,साथ ही गुजरात में आए भूकंप के बाद पीड़ितों के लिए कई घर बनाने में मदद की. इसके अलावा वो एड्स पीड़ित मरीजों की देखभाल करने वाली संस्था से भी जुड़ी हुई है।





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ऐश्वर्या रॉय अपनी झील सी गहरी आंखों के जरिए लोगों को नेत्रदान के लिए प्रोत्साहित कर चुकी है।वो स्माइल ट्रेन की ब्रांड एंबेसडर रह चुकी है वो कटे होंठ वाले कई बच्चों के ऑपरेशन में आर्थिक मदद कर चुकी है और लोगों को भी इसके लिए प्रोत्साहित कर चुकी है। मिस वर्ल्ड रह चुकी ऐश्वर्या जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए ऐश्वर्या रॉय फाउंडेशन की स्थापना भी कर चुकी हैं।




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नंदिता दास चुनिंदा मगर बेहतरीन फ़िल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुकी हैं। नंदिता ने सोशल वर्क में मास्टर्स किया है, जिससे उनके सोशल वर्क  की  तरफ रूझान की तरफ संजीदगी को समझा जा सकता है। नंदिता दास महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा के खिलाफ , बच्चों के अधिकार, और एच आईवी के प्रति जागरूकता के लिए काम कर चुकी है। सांवले लोगो में आत्मविश्वास भरने और गोरे होने के लिए उपयोगी उत्पादों की जरूरत नहीं होने की बात पर जोर देने के लिए उन्होंने "डार्क एंड ब्यूटीफूल" कैपेंन की शुरुआत की। इसका उद्देश्य गहरे रंग के प्रति लोगों की धारणा बदलना था। एक अखबार को दिए इंटरव्यू के अनुसार नंदिता ने कहा कि लोग अक्सर सांवले लोगो से कहते है "तुम बहुत ज्यादा आकर्षक नहीं हो, तुम्हे कोई प्रेमी, पति, या बेहतरीन नौकरी नहीं मिलेगी, तुम अपने माता पिता को इस वजह से दुखी करोगी" बकौल नंदिता गोरे बनाने का दावा करने वाले उत्पाद लोगों को हीन भावना से भर देते है।


इन हीरोइन्स के अलावा प्रियंका चोपड़ा,सोनम कपूर, शिल्पा शेट्टी जैसी खूबसूरतअभिनेत्रियां भी समाज सेवा से जुड़ी हुई  हैं ।






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