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क्यों चांद छिपा बादल में ? : बॉलीवुड



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बात जब भी बॉलीवुड एक्ट्रेस की हो, तो ये माना जाता है कि अगर कोई बेहद खूबसूरत है तो उसके लिए फिल्म में चांस मिलना काफी आसान हो जाता है, ख़ासकर किसी हीरोइन के लिए, जाहिर सी बात है दर्शक भी एक खूबसूरत चेहरे को देखने के लिए बेताब रहते है। मधुबाला, श्रीदेवी, हेमामालिनी, ऐश्वर्या जैसी हीरोइन्स ना सिर्फ़ अपनी एक्टिंग स्किल के लिए जानी गई बल्कि इनकी खूबसूरती का जादू भी दर्शकों के सिर चढ़ कर बोला, किसी को बॉलीवुड की वीनस तो किसी को ड्रीमगर्ल के खिताब से नवाज़ा गया, यहां तक कि लोग अपने घरों की दीवार पर भी इन अभिनेत्रियों की तस्वीरें सजाते थे. आज हम अपने लेख में उन अभिनेत्रीयों की बात करेंगे जिनकी ख़ूबसूरती की जितनी भी तारीफ़ करे कम है उसके बावजूद भी बॉलीवुड में वो कोई ख़ास कमाल नहीं कर पाई।

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अपने सहज अभिनय और स्वाभाविक सुंदरता के साथ लाखों दिलों पर राज करने वाली भाग्यश्री अपनी पहली ही फिल्म "मैंने प्यार किया" से सुपरस्टार बन गई। इस फिल्म के बाद उन्होंने सिर्फ अपने पति के साथ वाली फ़िल्म ही साईन की, ये फै़सला उनके करियर पर भारी पड़ गया और वो अपनी सक्सेस को बरकरार नहीं रख पाई। कई सालों बाद उन्होंने टीवी की दुनिया में कदम रखा। आज उन्हें लोग सिर्फ "मैंने प्यार किया " के लिए ही जानते है।



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कहो ना प्यार है", "गदर एक प्रेम कथा" जैसी सुपर हिट फ़िल्म देने के बावजूद अमीषा पटेल जल्दी ही गुमनामी के अंधेरे में खो गई। अपने खूबसूरत और मासूम चेहरे के बावजूद उनकी अदाकारी का जलवा फ़ीका पड़ गया, शायद उन्हें मनपसंद फ़िल्में ना मिली हो उसकी एक वजह ये भी हो सकती है।
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मिस इंडिया प्रतियोगिता में रनर अप रह चुकी प्रिया गिल ने "तेरे मेरे सपने" में और "सिर्फ तुम" में ट्रेडिशनल गर्ल का रोल अदा किया जिसमें उनके सहज सौंदर्य की सराहना तो हुई लेकिन सफलता नहीं मिली। फिल्म "जोश" में छोटा सा रोल करके उन्होंने बॉलीवुड में वापसी की कोशिश की लेकिन अपनी सफलता बरकरार नहीं रख पाई।






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"मोहब्बतें" जैसी मल्टीस्टार फिल्म से डेब्यू करने वाली साउथ ब्यूटी शमिता शेट्टी अपनी बहन की तरह बॉलीवुड में कुछ ख़ास नाम नहीं कमा पाई। इसके बाद फ़िल्मों में मेन रोल से ज्यादा उन्होंने "मेरे यार की शादी है" और "साथिया" जैसी फ़िल्मों के ऑयटम गीत से चर्चा बटोरी।




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रिया सेन को अपनी नानी सुचित्रा सेन और मां मुनमुन सेन से खूबसूरती विरासत में मिली है। बेहद खूबसूरत चेहरे के बावजूद वो अपनी एक्टिंग स्किल से लोगों को कुछ ख़ास इम्प्रेस नहीं कर पाई । "झंकार बीट्स" और "हे बेबी" के अलावा शायद ही उनकी कोई फ़िल्म लोग को याद होगी।




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मिस इंडिया रह चुकी सेलिना जेटली ने एक फ्लॉप फिल्म से अपने करियर की शुरूआत की, अपने खूबसूरत चेहरे, फिगर और बोल्ड लुक के बावजूद वो फ़िल्म जगत में कोई ख़ास मुकाम हासिल नहीं कर पाई। "नो एन्ट्री" और "गोल माल रिटर्न्स" के अलावा उनकी कोई फ़िल्म सफल नहीं रही।

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"किसना" से अपने करियर की शुरूआत करने वाली ईशा सरवानी एक ट्रेन्ड डांसर हैं। बेहद खूबसूरत होने के बावजूद भी उनकी एक भी फ़िल्म कुछ ख़ास सफल नहीं रही।


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मिस एशिया पैसफ़िक का खिताब जीतने वाली दिया जब बॉलीवुड में आई तब उनकी खूबसूरती की तुलना ऐश्वर्या राय से की गई। उनकी पहली फ़िल्म रहना है तेरे दिल में कुछ खास नहीं चली। "मुन्नाभाई", "परिणिता" और "संजू" जैसी फ़िल्में कामयाब तो रही लेकिन मेन रोल वाली फ़िल्मों में सफलता नहीं मिली। फ़िल्मों से ज्यादा वो अपने सोशल वर्क को लेकर चर्चा में रहती है।


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"तुझे मेरी कसम" से अपने करियर की शुरूआत करने वाली जेनेलिया को बॉलीवुड में कोई ख़ास सफलता नहीं मिली तो उन्होंने दक्षिण का रूख़ किया। तीखे नयन नक्श वाली जेनेलिया वहां सफल रही, फिर "जाने तू या जाने ना" जैसी फ़िल्म के साथ बॉलीवुड में सफल वापसी की लेकिन इस फ़िल्म की सफलता भी उनके करियर में कोई खास योगदान नहीं दे पाई।




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मिस वर्ल्ड टूरिज़्म का खिताब जीत चुकी सोनल ने मॉडलिंग की दुनिया से फ़िल्मों में कदम रखा। "जन्नत" जैसी सफल फ़िल्म देने के बावजूद वो बॉलीवुड फिर किसी हिट फ़िल्म का हिस्सा नहीं बन पाई। अपने खूबसूरत चेहरे और हॉट फिगर की मलिका सोनल को अब भी एक हिट फ़िल्म का इंतज़ार है।




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"क्रूक" जैसी फ़िल्मों से शुरुआत करने वाली नेहा शर्मा ने "क्या सुपर कूल है हम" और "यमला पगला दीवाना" जैसी फ़िल्मों से ही चर्चा बटोरी है। ये अभिनेत्री भी बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री में गिनी जाती है लेकिन अभी तक स्टार की लिस्ट में नहीं पहुंच पाई हैं ।
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"लक" फ़िल्म से आगाज़ करने वाली की श्रुति हासन की "दिल तो बच्चा है जी" के अलावा कोई हिंदी फ़िल्म कुछ ख़ास नहीं चली है। उनके माता पिता से उन्हें सुंदरता विरासत में मिली है, स्टार डॉटर होने के बावजूद अपने पिता की तरह उन्होंने हिंदी फ़िल्मों में सफलता नहीं मिली तो उन्होंने अपने पिता की तरह दक्षिण में अपना लक आजमाना ठीक समझा।





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फिल्म "स्वदेश" के ज़रिए अपने अपने सहज अभिनय और सुंदरता के ज़रिए लोगों के दिलों पर राज करने वाली गायत्री जोशी ने शादी के बाद बॉलीवुड को अलविदा कह दिया और कभी फ़िल्मों में नज़र नहीं आई।





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फ़िल्म "करीब" के ज़रिए नेहा ने जब डेब्यू किया तो उनकी सुंदरता की तुलना मधुबाला से की गई. इस फ़िल्म की असफलता के बाद उनके करियर मे ढलान आ गया, फ़िल्म फिज़ा के गीत "आजा माहिया" से चर्चा मिली लेकिन उनके करियर में जान नहीं डाल सकी.
ये वो हीरोइन्स है जिन्होंने अपनी खूबसूरती से दर्शकों को काफी प्रभावित किया, एक्टिंग स्किल भी ठीक ठाक थी. इन हीरोइन्स को देखकर यही सवाल उठता है कि क्यों चांद छिपा बादल में ?



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